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kansi kans कांस कांसी Health benefit of Kaans

Kaans benefit : कांस के औषधिय गुण और धार्मिक मान्यताएं

आज कांस के बारे में कुछ जानते हैं| इसको कांसी के नाम से भी जाना जाता है | फोटो देखकर तो आप समझ ही है होंगे कांस कैसा होता है | यह एक प्रकार का घास है| यह वर्षा ऋतु में उगता है | यह लगभग पूरे भारत में पाया जाता है | खेतों के मेढ़, नदी के किनारे, बंजर जमीन या खली पड़ी जमीन में ये ज्यादा देखने को मिलते हैं | इस घास में रुई की तरह सफ़ेद रंग के फूल आते हैं | इसकी सुंदरता बारिश के मौसम में देखते ही बनती है | आगे इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ ( Health benefit of kaans) के बारे में भी बताएंगे |

कांस को लेकर लोक मान्यताएं

जब कांस में फूल आने लगे तो लोग कहते हैं अब बरसात के मौसम का बुढ़ापा आ गया है | मतलब अब बारिश धीरे-धीरे कम हो जायगी| बारिश कम होने का मतलब ठण्ड का आगमन | कुछ क्षेत्र में लोग इसे घर पर लाना अशुभ मानते हैं | इसके विपरीत कई ग्रामीण क्षेत्र में लोग इससे घर के छप्पर भी बनाते हैं |

कांस के जड़ के औषधिय गुण (Health benefit of kaans)

इसके जड़ों का उपयोग (Kaans Health benefit ) त्वचा रोग (खुजली) ठीक करने में किया जाता है |
इसका जड़ शरीर के ऊपरी घावों को भरने में भी मदद करता है |
मिर्गी की औषधि बनाने में प्रयोग होता है |
तेज बुखार से भी राहत दिलाता है |
श्वेत प्रदर की समस्या भी दूर हो जाती है |
बवासीर जैसी बीमारी को भी यह ठीक कर सकता है |
मूत्र मार्ग से सम्बंधित परेशानियों (जलन या छोटे घाव) से भी राहत दिलाता है |
खाने में अरुचि को दूर करता है |
इसका काढ़ा वजन कम करने में भी मददगार है |

कांस  के धार्मिक महत्त्व

कुछ क्षेत्र में हल षष्ठी (हलछठ, कमर छठ, ललही छठ) की पूजा में कांस के फूल का प्रयोग होता है |

घरेलु उपयोग (benefit of kaans)

इस घास का उपयोग फूल झाड़ू बनाने में किया जाता है |

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